कौन है संजय रावल | Who Is Sanjay Raval

Sanjay Raval Gujarat के एक बहुत ही बड़े मशहूर speaker है। जो लोगो को बहुत अच्छी motivation देते है। वह एक बहुत अच्छे Motivation Speaker है, अलग अलग जगह पर जाके लोगो के साथ बाते करते है, उन्हें समझाते है कि खुश केसे रहे। उनकी बात सुन ना लोगो को बहुत ही ज्यादा पसंद है। उन्होने आज तक बहुत सारे सेमीनार किए है और बहुत सारे लोगो की जिंदगी बदल दी है। उनको सुनना लोगो को बहुत ही पसंद है।

संजय रावल का जन्म 5 September 1966 में गुजरात के पालनपुर में हुआ था। उनका जन्म एक बहुत ही ज्यादा गरीब परिवार में हुआ था उनके पास कुछ भी नहीं था। उनका जन्म ब्राह्मण घर में हुआ था और उनके पिता सिलाई का काम करते थे। उन्होंने 1987 में अपना graduation पुरा किया था। उन्होंने अपने एक वीडियो में बताया था कि उनके पिता ने पढ़ाई नहीं कि थी और जब वह दूसरी कक्षा में थे उन्होंने जघदा घर के स्कूल जाना बंध कर दिया था। उनके घर में कुछ भी नहीं था और उनके पिता सिलाई काम करते थे उनकी बहुत ही छोटी सी दुकान थी सिलाई कि।

संजय रावल हमेशा से भगवान से नाराज रहा करते थे जैसे हम सब लोग रहते है, जब वह छोटे थे तब रोज भगवान से एक ही बात पूछते रहते थे कि क्यों उनका जन्म गरीब घर्मे हुआ और किसी अमीर घर में क्यों नहीं हुआ। ऐसा हम सब लोग भगावन से पूछते रहते है हमेशा चाहे वोह छोटा हो या बड़ा सबको कुछ ना कुछ तो सिकायत होती ही है भगवान से वैसे ही वोह भी हमेशा सिकायात करते थे।

एक बार संजय रावल बहुत गसा हो गए किसी वजह से और उनका अपने पिता जी से जघडा हो गया। उन्होने एक बार अपने पिता जी से साइकिल मांगी। उनके पिता जी ने उनसे पूछा कि तुम्हे साइकिल क्यों चाहिए ? तो उन्होने कहा कि उनके स्कूल में सब लोग बाइक में गाड़ी में या साइकिल में आते है और मुझे हमेशा चलके जाना पड़ता है। इसलिए मुझे साइकिल चाहिए तो उन्होंने मना कर दिया साइकिल लेने से और बादमें वोह लड़ने लगे अपने पिता से।

लड़ाई करते करते उनके पिता ने संजय रावल को कहा कि तो तू कोई अमीर घर में पैदा क्यों नहीं हुआ? तो उन्होंने कहा कि यह मेरे हा में होता तो में यहां जन्म नहीं लेता। तो उनके पिताजी ने कहा के वोह तेरे हाथ में नहीं था और किसी के हाथ में नहीं होता पर अमीर बनना तुम्हारे हाथ में है। तो उन्होने पूछा केसे वोह उनके हाथ में है।

तब संजय रावल के पिता जी ने कहा कि बहुत मेहनत कर, पढ़ाई कर, कसरत कर, अपने शरीर को अच्छा बना दिमाग को अच्छा बना फिर देखना पैसा जख मार के हाथ में आएगा। इसके बाद संजय रावल ने यह बात अपने दिमाग में डाल दी, उन्होने Biography और दूसरी अच्छी किताबे पढ़ ना शुरु कर दिया। दोस्तो किताबे इंसान की सबसे अच्छी दोस्त होती है, उनकी भी बन गई।

उन्होने पढ़ाई तो शुरु कर दी थी बादमें उन्होंने कसरत शुरु करने के बारे में सोचा के वोह कहा से करे। उनके घर के सामने एक जिम था तो उन्होंने वोह join किया और कसरत करना शुरू कर दिया और बहुत अच्छी सेहत बनाई। उन्होने कसरत कि जैसे आदत डाल दी वह आज भी कसरत करते है।

उनके पिता जी ने कहा था कि पढ़ाई में ध्यान ना लगे तो कोई और किताब पढ़ संगीत की कहानियां कि लोगो की जानकारि के बारे में पढ़। तो उन्होंने अपने घर के पास एक लाइब्रेरी थी तो वहां वोह 5 रुपए देके किताब पढ़ते थे। उन्होंने बहुत सारी मेहनत करके अपने शरीर और दिमाग को मजबूत कर दिया था।

उनको पढ़ाने के लिए उनकी पिताजी ने बहुत मेहनत करके पैसे जमा किए और उनको पढ़ाया पर उनको 12 वी कक्षा में काम मार्क्स आए और बादमें उन्होंने bsc कि पढ़ाई की और उन्होने हीरो का कारोबार शुरू किया उनको इसमें काफी फायदा हुआ बहुत सफलता मिली पर उनको बहुत बड़ा धोका दिया किसी ने। उनको सब कुछ बेचना पड़ा। फिर उन्होने construction का buissnes शुरु किया और आज भी उन्होने अपनी मेहनत बंध नहीं कि और अभी भी कोशिश कर रहे है।

उनके पास एक वक्त में पढ़ने के लिए पैसे नहीं थे और आज उनके पास  7000 square foot का book store है। एक टाइम पे उनके पास अच्छा घर नहीं था और आज उनका 196 Shops का Complex बन रहा है। उनको एक वक्त में कसरत करने के लिए Gym जाना पड़ता था और आज उनके पास 2 खुदके Gyms है।

सिर्फ यही नहीं उन्होंने 3 साल तक एक होटल में waiter का काम किया था, किसने सोचा था कि जो एक waiter का काम करता था उसके पास खुद की होटल होगी। आज उनके पास खुदकी एक होटल है।

दोस्तो इन सब बातो को देखकर और सुन कर एक बात मुझे समझ आ गई और आपको भी समजनी चाहिए कि कितने भी बुरे हालात हो कुछ भी हो जाए हमे अपनी हिम्मत नहीं छोड़नी चाहिए, हमे ज्यादा मेहनत करनी चाहिए अगर fail हुए हो तो फिर्स कोशिश करनी चािहए। 

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